राष्ट्रीय

असमंजस में सरकार …फिर लगी आटे की कीमत में आग!

SG

• गेहूं की कीमतों में ७ प्रतिशत उछाल
• एक साल में ४० फीसदी महंगा हुआ आटा
 नई दिल्ली
सबसे विकट आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान में गेहूं, आटे और अनाज के लिए अफरातफरी की खबरें मीडिया में रोज ही आ रही हैं। लेकिन हिंदुस्थान में भी धीरे-धीरे हालात वैसे ही खराब हो रहे हैं। यहां भी गेहूं की कीमतें आसमान पर पहुंचती जा रही हैं। गत वर्ष गेहूं के उत्पादन में गिरावट के कारण मंडी में कम आपूर्ति होने और इस संकट से निपटने में केंद्र सरकार की उदासीनता के कारण मौजूदा समय में हिंदुस्थान में भी गेहूं की कीमतें एमएसपी से ५० फीसदी ज्यादा हो गई है।
पूरे देश में गेहूं और आटा लगातार महंगा होता जा रहा है। महंगाई का आलम यह है कि महज दो हफ्ते के अंदर ही गेहूं के भाव में एक बार फिर से इजाफा हुआ है। इससे गरीबों की थाली से रोटी गायब हो गई है। जानकारों का कहना है कि दिल्ली में गेहूं की कीमतों में ७ फीसदी का उछाल आया है। आटा खुले में ३८-४० रुपए और ब्रांडेड पैक में ४५-५५ रुपए प्रति किलो बिक रहा है। जनवरी २०२२ में जो भाव थे, उसके मुकाबले ये ४०ज्ञ् से भी ज्यादा है। कमोडिटी विश्लेषकों का कहना है कि सरकार यदि स्टॉक का गेहूं खुले बाजार में जारी नहीं करती है तो आटे के भाव में और तेजी आ सकती है।
निर्यात पर बंदी के बाद भी बढ़े दाम
देश में बीते कुछ समय से गेहूं के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। निर्यात पर बंदी के बावजूद जनवरी में गेहूं के भाव ७-१०ज्ञ् बढ़े हैं। चालू सीजन के लिए सरकार का न्यूनतम खरीद मूल्य (एमएसपी) २,१२५ रुपए प्रति क्विंटल है। लेकिन मंगलवार को देश के विभिन्न हिस्सों में गेहूं के भाव ३,२०० रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए। सरकार उदासीन बनी रही तो भाव ५-६ज्ञ् और बढ़ सकते हैं।

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