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लोककला, संस्कृति और परंपरागत खेती बचाना युवाओं की जिम्मेदारी : ऋतु खंडूड़ी

देहरादून(आरएनएस)।  विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने बुधवार को गैरसैंण विधानसभा भवन में अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय छात्र संसद का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोककला, संस्कृति और परंपरागत खेती को बचाना युवाओं की जिम्मेदारी है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छात्र संसद जैसे कार्यक्रम भविष्य के नेताओं को तैयार करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक कृषि हमारे अस्तित्व की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है। मुझे गर्व है कि हमारे छात्र अपनी परंपराओं को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने छात्रों से दो दिवसीय छात्र संसद में कुछ न कुछ सीखने का आव्हान किया। इस कार्यक्रम में श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति एनके जोशी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों में नेतृत्व कौशल, तर्कशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
छात्र संसद में चमोली ज़िले के विभिन्न डिग्री कॉलेजों के छात्र – छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्र संसद में लोककला एवं संस्कृति, भोजन एवं पारंपरिक अनाज आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए गए। छात्र संसद में प्रस्तुत विचारों का मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न विशेषज्ञों की जूरी भी गठित की गई। जिसमें डॉ डीएस पुंडीर, गिरीश डिमरी, गिरीश नौटियाल शामिल हैं।

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