क्राइम

लखनऊ के सर्राफ की गर्भवती पत्नी व बच्चों की 2013 में उड़ीसा में हुई थी हत्या, पुलिस अब तक न सुलझा सकी गुत्थी

लखनऊ। चौक के सर्राफ अमित अग्रवाल की रहस्यमय हालात में सपरिवार हुई गुमशुदगी और फिर चार माह बाद उड़ीसा के पुरी में स्थित एक होटल में उसकी गर्भवती पत्नी अंकिता और दो बच्चों का कत्ल अभी राज ही बना हुआ है। तीनों का कत्ल दिसंबर 2013 में हुआ था। 2018 में सीबीआइ ने अमित को गिरफ्तार भी कर लिया था, पर अब तक यह नहीं पता चल सका कि हत्या की वजह क्या थी।
अमित ने किस कारण तीनों की नृशंस हत्या की थी। वह लखनऊ से पत्नी और बच्चों के साथ क्यों भागा, यहां से जाने के बाद चार माह कहां रहा। कैसे उड़ीसा पहुंचा, हत्या के पीछे क्या वजह थी। ऐसे तमाम अनसुलझे सवाल हैं जो पुलिस के पास नहीं है। अमित की गिरफ्तारी के तीन साल बाद भी लखनऊ पुलिस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए उसे रिमांड पर नहीं ले सकी। अत: तफ्तीश ठंडे बस्ते में चली गई और कत्ल का राज फाइलों में दफन हो गया। अब केस से जुड़ी फाइल भी कोतवाली में धूल खा रही है।
घर छोड़ने से पहले डिलीट करा दी थी सीसी कैमरे की फुटेज : लखनऊ से पत्नी और बच्चों संग जाने के बाद अमित की कार प्रयागराज में गंगा किनारे खड़ी मिली थी। पुलिस को कार से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इसके बाद परिवार वालों ने यह मान लिया था कि अमित ने पत्नी, बेटे दिव्यांश और बेटी वाणी संग आत्महत्या कर ली है। इस मामले में अंकिता के भाई ने गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की।
पुलिस फिरंगी टोला स्थित अमित के घर पहुंची। वहां पड़ताल शुरू हुई तो पता चला घर छोड़ने से पहले अमित ने सीसी कैमरे की फुटेज भी डिलीट करा दी थी। इसके लिए उसने एक मैकेनिक अनिल यादव को घर बुलाया था। उससे सारी रिकार्डिंग डिलीट कराई थी। 18 अगस्त को वह पत्नी और बच्चों संग कार से चला गया। अभिषेक ने बताया कि दोपहर दो बजे उसने अमित को फोन किया था पर उसने फोन काट दिया था।

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