
पीड़िता ने मीडिया सेंटर मे रोते हुए लगाई न्याय की गुहार
-महिला का आरोप-पुलिस ने घर में घुसकर पति से की मारपीट, नकदी भी गायब
मुजफ्फरनगर। एक बार फिर इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के नाम पर एक महिला के साथ कथित तौर पर विश्वासघात और दरिंदगी का आरोप लगा है। शहर के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर के मुख्य गेट के पास स्थित प्रगति होम्योपैथिक के संचालक डॉ. अनुराग गोयल पर एक महिला ने दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला मेघा मित्तल नई मंडी क्षेत्र के पटेल नगर की निवासी ने रविवार को मीडिया सेंटर पहुंचकर पत्रकारों के सामने अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान महिला की हालत बेहद भावुक और व्यथित नजर आई। उसकी आंखों में आंसू थे और आवाज में दर्द साफ झलक रहा था। आरोप है कि डॉ. अनुराग गोयल के खिलाफ वर्ष 2022 में धारा 354, 354-क और 376 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि उक्त मामले में विपक्षी पक्ष द्वारा लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है और इसी क्रम में पीड़ित एवं उसके पति के विरुद्ध एक कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। मेघा मित्तल का कहना है कि एक तारीख पर अनुपस्थित रहने के कारण बिना किसी पूर्व नोटिस के ही न्यायालय द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया गया। हालांकि, अगली तारीख पर उन्होंने अपने वारंट रिकॉल करा लिए और पति को भी न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बावजूद, न्यायालय द्वारा आगे की प्रक्रिया में धारा 82 के तहत कुर्की आदेश जारी कर दिया गया, जिसे पीड़िता ने अन्यायपूर्ण बताते हुए विपक्षी और अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम बताया है। आरोप है कि गत 19 मार्च को पीड़ित महिला के पति नितिन मित्तल बेंगलुरु से घर लौटे थे और कुछ ही देर बाद नई मंडी थाना क्षेत्र के दो पुलिसकर्मी, जिनमें एक का नाम सुभाष सागर बताया गया है, बिना किसी वैध वारंट के उनके घर में घुस आए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहले घर के अंदर कमरे में मारपीट की और फिर गली में ले जाकर सार्वजनिक रूप से उनके पति के साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शुभम गोयल का नाम लेते हुए बताया कि उन्हें सूचना दी गई थी कि नितिन मित्तल घर आ चुके हैं। इसके साथ ही, मेघा मित्तल ने दावा किया कि इससे पहले भी उनके पति पर दो बार हमला हो चुका है और उन्हें स्वयं कचहरी परिसर में जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों द्वारा उनके पति से 12 से 13 हजार रुपये भी छीन लिए गए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति से आगे की कार्रवाई के संबंध में पूछने की बात भी सामने आई है। मेघा मित्तल ने आरोप लगाया कि डेढ़ साल तक शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, बल्कि उन्हें ही आरोपित ठहराया गया। मेघा मित्तल ने संबंधित अधिकारियों, विशेष रूप से तत्कालीन क्षेत्राधिकारी पर भी निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।



