पूर्व सीएम रावत बोले- कांग्रेस के सारे पद छोड़ दूंगा:दो दिन पहले PA के घर ED का छापा, 1.28 करोड़ की संपत्तियां जब्त

पूर्व सीएम रावत बोले- कांग्रेस के सारे पद छोड़ दूंगा:दो दिन पहले PA के घर ED का छापा, 1.28 करोड़ की संपत्तियां जब्त

उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों को छोड़ने की पेशकश की है। इसको लेकर रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखी है।
रावत फिलहाल कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। ऐसे समय में मेरे किसी मामले से अगर पार्टी के संघर्ष को नुकसान पहुंचता है तो मैं ऐसा नहीं चाहूंगा। इसलिए मैं पार्टी में मिली दोनों जिम्मेदारियों से हटना चाहता हूं।
10 सितंबर को रावत के पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड हुई थी। इसमें 1.28 करोड़ की संपत्तियां जब्त की गई थीं। जीना वर्तमान में रावत के पर्सनल असिस्टेंट (PA) हैं।

रावत बोले- इस्तीफे का सवाल नहीं
रावत ने कहा कि मैं इस समय किसी सरकारी पद पर नहीं हूं, इसलिए वहां से इस्तीफा देने का सवाल नहीं है।
चंदन सिंह जीना को लेकर रावत ने कहा कि वह मेरे OSD रह चुके हैं। मेरे मुख्यमंत्री रहने के दौरान पार्टी और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते थे। मौजूदा आरोपों पर उन्होंने कहा कि फिलहाल मुझे विश्वास नहीं है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।
हरीश रावत की पोस्ट…

‘चुनाव से पहले CBI मेरे दरवाजे पर दस्तक देगी’
रावत ने अपने अंदाज में आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब लोग मुझसे चुनाव की तारीख पूछते थे तो मैं मजाक में कहता था कि चुनाव तब होंगे, जब CBI मेरे दरवाजे पर दस्तक देगी।
उन्होंने कहा कि इस बार मेरे घर के बजाय एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने की कोशिश की गई है। उत्तराखंड चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा है और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं।

‘अगर मेरी खिलाफ सबूत हैं तो CBI-पुलिस को सौंपे’
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में हुई सरकारी भर्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन राज्य के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया था। उनके करीब तीन साल के कार्यकाल में 42 हजार से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्तियां हुईं।
रावत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में कोई ‘एरर ऑफ जजमेंट’ हुआ हो तो मैं उत्तराखंड की जनता से माफी मांगते हूं। हालांकि, व्यक्तिगत हस्तक्षेप के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास मेरी संलिप्तता के प्रमाण हैं तो उन्हें CBI, ED या राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए।

UKSSSC चेयरमैन की नियुक्ति पर भी सफाई
रावत ने अपने कार्यकाल में UKSSSC के तत्कालीन अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पूर्व सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी। इस संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी से भी उन्हें सलाह मिली थी।
रावत के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद उन्होंने ही संबंधित व्यक्ति को पद से हटाया या उनसे इस्तीफा मांगा था। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के भविष्य में गलत आचरण करने का अनुमान पहले से लगाना संभव नहीं है।

‘गड़बड़ी का प्रमाण है तो जांच एजेंसियों को दें’
रावत ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों और परीक्षाओं में गड़बड़ी राज्य की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से खिलवाड़ है। यदि जाने-अनजाने में मेरी ओर से ऐसा कोई कृत्य हुआ है, जिससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा हो तो मैं खुद को जवाबदेही और दंड का पात्र मानता हूं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास भर्ती या नियुक्तियों में मेरे हस्तक्षेप अथवा संलिप्तता के प्रमाण हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने रखा जाना चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है।
पूर्व OSD जीना के घर ED ने क्या बरामद किया
ED ने UKSSSC की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में कथित OMR हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 10 सितंबर को देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें चंदन सिंह जीना का आवास भी शामिल था।
ED के मुताबिक, जीना के घर से 32 लाख रुपए की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना, 12 लग्जरी घड़ियां और 52.16 लाख रुपए के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया। सोने में 13 गोल्ड कॉइन और 7 गोल्ड चेन शामिल हैं। बरामद घड़ियों में Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड शामिल हैं।
ED ने जीना का मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। ED के अनुसार जीना के घर से जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का मौजूदा मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपए है। इसमें 12 लग्जरी घड़ियों की कीमत शामिल नहीं है। इसके बाद यह रकम और बढ़ सकती है।

2014 से 2017 तक हरीश रावत के OSD रहे जीना
चंदन सिंह जीना 2014 से 2017 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के OSD रहे थे। वर्तमान में जीना पूर्व मुख्यमंत्री रावत के पर्सनल असिस्टेंट (PA) के तौर पर काम कर रहे हैं।
ED ने कहा कि जांच में जीना के बड़े नकद खर्चों का स्रोत उनकी ज्ञात आय से स्पष्ट नहीं हो पाया।

सुरक्षित कस्टडी से निजी घर पहुंची थीं OMR शीट
ED की कार्रवाई VPDO परीक्षा-2016 में OMR शीट से कथित छेड़छाड़ के मामले से जुड़ी है। जांच के अनुसार UKSSSC की सुरक्षित कस्टडी में रखी OMR शीट को कथित तौर पर आयोग के तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाया गया।
यहां कम भरी गई OMR शीट के रोल नंबर नोट किए गए और उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दिया गया। आरोप है कि खाली छोड़े गए उत्तरों के गोले भरकर OMR शीट में हेरफेर की गई और बाद में उन्हें दोबारा सील कर दिया गया।
ED के मुताबिक यह काम अवैध रकम के बदले किया गया और रकम बिचौलियों के जरिए पहुंचाई गई।

कई पूर्व अधिकारियों-बिचौलियों के ठिकानों पर भी छापे
ED ने तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और मामले से जुड़े बिचौलियों के परिसरों की भी तलाशी ली।
एजेंसी के मुताबिक कई ठिकानों से बेहिसाबी नकदी और सोने के आभूषण भी मिले हैं। मामले की जांच देहरादून विजिलेंस में दर्ज FIR और इससे जुड़े तीन अन्य मामलों के आधार पर की जा रही है। ED ने कहा है कि जांच जारी है।
बोले- कांग्रेस की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में
हरीश रावत ने एक और सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता उनके खून और हड्डियों में है और हरीश रावत जो कुछ भी हैं, उसका निर्माण कांग्रेस ने किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरादून में ED की कार्रवाई के बाद उन्होंने सिर्फ कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और AICC वर्किंग कमेटी के सदस्य पद से त्यागपत्र देने की पेशकश की है, पार्टी की सदस्यता से नहीं।
रावत ने मीडिया से उनकी पोस्ट को पूरी तरह पढ़कर खबर को सही करने का आग्रह किया।



