
प्रधान गुलजार का दावा-तीन ग्रामीणों को पुलिस के सुपुर्द किया था, एनकाउंटर की जानकारी पर वीडियो बनाकर किया था वायरल, पैसे वापस मांगने के बाद दबिश और मुकदमे का आरोप
मुजफ्फरनगर। रतनपुरी थाना पुलिस पर गांव रियावली नगला, नसीरपुर और आसपास के ग्रामीणों से जुड़े मामले में ग्राम प्रधान गुलजार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को मीडिया सेंटर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रधान ने आरोप लगाया कि एक मुकदमे के संबंध में पुलिस के कहने पर उन्होंने गांव के तीन लोगों को थाने लाकर पुलिस की सुपुर्दगी में दिया था। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस तीनों का कथित एनकाउंटर करने जा रही है। प्रधान का दावा है कि इसी आशंका के चलते उन्होंने एक वीडियो बनाकर वायरल किया था, ताकि पुलिस हिरासत में दिए गए तीनों लोगों के साथ कोई अनहोनी न हो। प्रधान ने रतनपुरी थानाध्यक्ष पर पांच लाख रुपये मांगने और रकम दिए जाने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। प्रधान गुलजार ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 148/2026 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। प्रधान के अनुसार, इस मामले में रतनपुरी पुलिस की ओर से उनसे गांव के संदिग्ध लोगों को थाने लाने के लिए कहा गया था। ग्राम प्रधान होने के नाते अपनी जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने गांव के इमरान, गुफरान और हासिम से संपर्क किया और तीनों को थाना रतनपुरी पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। प्रधान का कहना है कि तीनों लोगों को पुलिस के सुपुर्द करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई थी। उनके अनुसार, उन्होंने यह कदम ग्राम प्रधान होने के नाते अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उठाया था। उनका दावा है कि इसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। गुलजार ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर की रात उन्हें जानकारी मिली कि थाना रतनपुरी पुलिस उक्त तीनों लोगों का एनकाउंटर करने की तैयारी में है। प्रधान के मुताबिक रात हो जाने के कारण वह तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दे सके। उनका कहना है कि इसी आशंका के चलते उन्होंने पूरे घटनाक्रम से संबंधित एक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया, ताकि पुलिस की सुपुर्दगी में दिए गए तीनों ग्रामीणों के साथ किसी तरह की अनहोनी न हो। प्रधान गुलजार ने अपने शिकायती पत्र में रतनपुरी थानाध्यक्ष पर पांच लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्होंने चार लाख 80 हजार रुपये थाने पर ले जाकर दिए थे। प्रधान के अनुसार, इसके बाद थानाध्यक्ष ने एसएसआई पवन को रुपये देने के लिए कहा। गुलजार के मुताबिक एसएसआई पवन ने कथित तौर पर उनके तीन लाख रुपये अपने पास रख लिए और एक लाख 80 हजार रुपये वापस कर दिए। प्रधान ने अपने शिकायती पत्र में इस पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रधान ने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल करने और अपने रुपये वापस मांगने के बाद रतनपुरी थाना पुलिस द्वारा उन्हें तथा गांव के अन्य लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की ओर से उनके और गांव के अन्य लोगों के घरों पर लगातार दबिश दी जा रही है। गुलजार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के डर के कारण वह गांव में सामान्य रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान होने के नाते गांव में रहकर विकास कार्य कराना और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें स्वयं अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रधान ने मीडिया सेंटर में अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उनके खिलाफ किसी फर्जी मुठभेड़ की कार्रवाई कर सकती है या किसी अन्य मुकदमे में फंसाकर जेल भेज सकती है। उन्होंने कहा कि इसी आशंका के चलते उन्होंने अपने बचाव के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत की है। प्रधान गुलजार ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर के समक्ष भी प्रार्थना पत्र भेजा है। इसके साथ ही मीडिया सेंटर पहुंचकर पत्रकारों के सामने अपनी बात रखी और मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।



