उत्तराखंड

मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में पहुंचे CM धामी:बोले- आध्यात्मिक चेतना और समाजसेवा का प्रतीक है उनका जीवन;धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस

 

हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में सोमवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सतपाल महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घ और सक्रिय जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने जीवन के जरिए आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा, परोपकार और लोककल्याण का संदेश समाज तक पहुंचाया है। जन्मदिवस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को उन्होंने महाराज के प्रति लोगों के प्रेम, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज की सरलता, सहज व्यवहार, समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें समाज में अलग पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें महाराज के साथ मंत्रिमंडल में काम करने का अवसर मिला है और इस दौरान उनके अनुभव, व्यवहार और काम के प्रति प्रतिबद्धता को करीब से देखने का मौका मिला।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम हो रहा है। इसका असर उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने, केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है।

धामी के मुताबिक, सरकार उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ ही साहसिक पर्यटन में भी उत्तराखंड की पहचान मजबूत हुई है।

हरिद्वार कुंभ को लेकर तैयारियां तेज

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ को लेकर भी सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में होने वाला कुंभ केवल धार्मिक आस्था का आयोजन नहीं होगा, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का बड़ा उत्सव होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटी है। सरकार का प्रयास है कि देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से हरिद्वार पहुंचने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुखद अनुभव लेकर लौटे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से हरिद्वार का कुंभ देश-दुनिया के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

देवभूमि की संस्कृति और पहचान पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और गौरव की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इन फैसलों के जरिए राज्य की सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सीएम धामी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।

धार्मिक आस्था और परंपराओं के संरक्षण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सरकार आगे भी प्रभावी कदम उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को बनाए रखते हुए विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सरकार का संकल्प है।

उन्होंने यह भी कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था को बदनाम करने के प्रयासों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने जनसहयोग और संत समाज के मार्गदर्शन को इस अभियान में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए उत्तराखंड को विश्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

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