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यूपी के एडेड माध्यमिक कालेजों में क्लर्क बनना अब आसान नहीं, पीईटी हुआ अनिवार्य

लखनऊ. यूपी के बेरोजगारों युवाओं को अब स्कूलों में बाबू बनने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में जुगाड़ से लिपिक बनने का रास्ता अब बंद हो गया है। योगी कैबिनेट ने इन एडेड स्कूलों में नई लिपिक भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इसके लिए एक नई व्यवस्था बनाई गई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में जो अभ्यर्थी 50 फीसदी अंक हासिल करेंगे वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त विद्यालयों में लिपिक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे।एक पद के सापेक्ष 10 अभ्यर्थी :- सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नई चयन प्रक्रिया तैयार की। इसके तहत लिपिक पद के लिए वे अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे जिनके पीईटी में 50 प्रतिशत अंक हों। पद के सापेक्ष आवेदकों की पीईटी के अंकों के आधार पर मेरिट बनेगी और एक पद के सापेक्ष 10 अभ्यर्थियों को टंकण परीक्षा में शामिल कराया जाएगा।पांच सदस्यीय चयन समिति लेगी इंटरव्यू :- उसके बाद टंकण परीक्षा के लिए एक पद के सापेक्ष तीन अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। जो अभ्यर्थी इस टंकण परीक्षा में सफल घोषित होंगे उन्हे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह इंटरव्यू कालेज प्रबंधक की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय चयन समिति लेगी। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक का प्रतिनिधि, सेवायोजन अधिकारी, पालीटेक्निक का प्राचार्य और जिलाधिकारी की ओर से नामित एससी-एसटी व ओबीसी वर्ग का अधिकारी सदस्य रहेगा।नियुक्ति पत्र मिलेगा :- और अंत में पीईटी का 80 प्रतिशत और साक्षात्कार के 20 प्रतिशत अंकों के आधार पर चयन सूची बनेगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी। प्रदेश में करीब दो हजार लिपिकों के पद खाली होने की सूचना है।पारदर्शी तरीके से होगा चयन :- उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि सरकार शुरू से पारदर्शी तरीके से हर पद पर चयन करा रही है, उसी क्रम में लिपिक पदों पर नियुक्ति के लिए बड़ी पहल की गई है।

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