अंतरराष्ट्रीय

ब्रिटेन स्थित एसएफजे के कार्यालय पर छापा, एक अलग ‘सिख राष्ट्र’ की साजिश से जुड़े फर्जी दस्तावेज बरामद

 

ब्रिटेन की पुलिस द्वारा इस उग्रपंथी गुट से मिले उपकरणों और दस्तावेजों की छानफटक से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जहां यह उग्रपंथी गुट भारत में तथाकथित किसान आंदोलन को उग्र रास्ते पर ले जाने में जुटा हुआ है वहीं अंदरखाने एक अलग ‘सिख देश’ बनाने की मुहिम भी छेड़े हुए है

यूके की मेट्रोपालिटन पुलिस ने पिछले दिनों हाउंस्लो इलाके में स्थित ‘साड्डा सुपरस्टोर’ की पहली मंजिल पर छापा मारने के बाद एक हैरतअंगेज खुलासा किया है। पुलिस ने यह छापा वहां चल रहे उग्रपंथी गुट और तथाकथित खालिस्तान का आंदोलन चलाने वाले ‘सिख फार जस्टिस’ (एसएफजे) के कार्यालय पर मारा गया था। पुलिस ने वहां से एसएफजे के ‘जनमत संग्रह’ से जुड़े तमाम इलेक्ट्रानिक उपकरण तथा दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। उन उपकरणों और दस्तावेजों की छानफटक से चौकाने वाला खुलासा हुआ है कि जहां यह उग्रपंथी गुट भारत में तथाकथित किसान आंदोलन को उग्र रास्ते पर ले जाने में जुटा हुआ है वहीं अंदरखाने एक अलग ‘सिख देश’ बनाने की मुहिम भी छेड़े हुए है।

इसी के लिए सिख फार जस्टिस ने यह फर्जी ‘जनमत संग्रह’ किया था। वह एक अलग ‘सिख देश’ बनाकर अपने आप को एक अलग दर्जे पर पहुंचते देखना चाहता है। यह जानकारी दी है ब्रिटेन की पुलिस ने जिसे अपनी छापेमारी में मिली चीजों से इस खतरनाक चाल का पता चला है। हालांकि पुलिस ने यह भी बताया है कि एक अलग ‘सिख देश’ की मांग उठाने वाले ‘खालिस्तान’ समर्थकों के उक्त आयोजन में बहुत कम सिख शामिल हुए थे। उस फर्जी जनमत में बहुत कम सिखों के आने से यह कोरा तमाशा साबित हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वहां से प्राप्त इलेक्ट्रानिक उपकरणों से फर्जी पहचान पत्र बनाए जा रहे थे। ‘जनमत संग्रह’ में वोट डालने वालों की तादाद बहुत ज्यादा दिखाने के लिए फर्जी वोटरों से जुड़े कागजात भी बरामद किए गए हैं।

ब्रिटेन की पुलिस ने यह छापा तब मारा था जब यूके में बसे भारतीयों से, खासकर लंदन में रह रहे सिख समुदाय ने उसे कुछ पुख्ता जानकारियां दी थीं। इन चीजों का पता चलने के बाद यूके की मेट्रोपालिटन पुलिस ने 356 बाथ रोड, हाउंस्लो में ‘साड्डा सुपरस्टोर’ के पहले तल पर चल रहे सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के कार्यालय पर छापा मारा था। पुलिस ने एसएफजे के उस ‘जनमत संग्रह’ से जुड़े तमाम दस्तावेज और उपकरण जब्त कर लिए हैं।

 

ब्रिटेन में खालिस्तानी झंडे लेकर प्रदर्शन करते खालिस्तान समर्थक  (फाइल चित्र)

एसएफजे के दफ्तर पर छापे से ब्रिटेन के सिख समुदाय ने राहत की सांस ली है क्योंकि यही वह गुट है जो यूके में शांति-सौहार्द से रह रहे अनिवासी भारतीयों में ‘खालिस्तान’ और ‘किसान आंदोलन’ को लेकर दरार पैदा करने की कोशिश करता आ रहा है। एसजेएफ के स्वयंभू नेता पतवंत सिंह पन्नू ने ‘किसान आंदोलन’ लाल किले पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया के जरिए भड़काउ वीडियो और संदेश प्रसारित किए थे।  

बताते हैं, पिछले लंबे वक्त से पुलिस को एसएफजे के कुछ सूत्रों की ओर से इस गुट के दफ्तर में चल रहीं गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिली थी। यहां बता दें कि पुलिस ने इस मामले में एक पाकिस्तानी को भी पकड़ा है। पता यह भी चला है कि एसएफजे के उस फर्जी ‘जनमत संग्रह’ को यूके में रह रहे 8 लाख से ज्यादा सिखों ने सिरे से खारिज किया है। इस ‘जनमत संग्रह’ में वोट डालने के लिए खालिस्तान समर्थकों का एक छोटा सा जत्था तथा कुछ अन्य लोग ही थे, जो बरगला कर वोट डालने की जगह तक लाए गए थे। एसएफजे के सूत्रों के अनुसार, कई सिखों को उस फर्जी जनमत संग्रह में ‘किसान आंदोलन को और मजबूत करने’ की आड़ में वोट डलवाए गए थे।

एसएफजे के दफ्तर पर छापे से ब्रिटेन के सिख समुदाय ने राहत की सांस ली है क्योंकि यही वह गुट है जो यूके में शांति-सौहार्द से रह रहे अनिवासी भारतीयों में ‘खालिस्तान’ और ‘किसान आंदोलन’ को लेकर दरार पैदा करने की कोशिश करता आ रहा है। एसजेएफ के स्वयंभू नेता पतवंत सिंह पन्नू ने ‘किसान आंदोलन’ लाल किले पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के लिए सोशल मीडिया के जरिए भड़काउ वीडियो और संदेश प्रसारित किए थे।

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