राज्य

मूसलाधार बारिश से शिमला की सडक़ें ठप. राजधानी में मानसून का कोहराम.

 

बिजली और पानी की सप्लाई बाधित

रिपोर्टर-शिमला
राजधानी में मूसलाधार बारिश ने कोहराम मचा दिया है। शहर में सभी साधन ठप हो गए हैं। शहर में कहीं सडक़ें तो कहीं रास्तों के साथ बिजली और पानी की सुविधाएं भी ठप हो गई हैं। शहर में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। इससे पेयजल स्रोंतों में गाद आ गई है और शहर में पेयजल सप्लाई ठप हो गई है। वहीं शहर की सडक़ों में पेड़ गिरने से भी बिजली की तारे क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे आधे शहर की बिजली सप्लाई अवरुद्ध हो गई हैं। वहीं शहर के मुख्यमार्गों सहित एंबुलेंस रोड पर भी मलबा आने से रोड ब्लॉक हो गए हैं और क्षेत्र यातयात साधनों से टूट गया है। शहर के कुमार हाउस के पास विधानसभा से अन्नानडेल तक का रास्ता बंद है। स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं।

वहीं टूटीकंडी चौराहे पर एचआरटीसी पेट्रोल पंप के पास सडक़ अवरुद्ध है। उस क्षेत्र में यातायात फिलहाल एक तरफा आवाजाही तक ही सीमित है। सोनू बंगला के पास एनएच 205 भी भू-स्खलन से प्रभावित हुआ है, जिससे सडक़ पर एकतरफा यातायात बाधित हो गया है। वहीं टुटू में ट्रक यूनियन के पास शिमला बिलासपुर मार्ग भू-स्खलन के कारण फिलहाल अवरुद्ध है। वहीं शिमला के कई क्षेत्रों में पेड़ भी गिरे हैं। यह पेड़ बिजली की तारों पर गिरे है, जिसे शिमला के कुछ क्षेत्रों में सुबह से बिजली भी बंद कर दी गई है। हालांकि विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए है और सडक़ को सुचारू करने का कार्य कर रहे है, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद ही सडक़ को बहाल किया जा सकता है। वहीं शहर के कई घरों, दुकानों और स्टोंरो में पानी घूसने से लोगों को काफी नुकसान भी पहुंचा है। बता दें कि सुबह से ही मूसलाधार बारिश हो रही है जो रुकने का नाम नहीं ले रही। वहीं जिला प्रशाशन ने एडवाजरी जारी की है कि सडक़ों पर संभलकर चलें।

नगर निगम के कर्मचारी लगातार सडक़ों को सुचारू करने का कार्य कर रहे हैं। वहीं रास्तों को भी खोला जा रहा हैं। हमारी समस्त जनता से आग्रह है कि इस मूसलाधार बारिश में सुरक्षित रहें और सतर्कता के साथ ही घरों से बाहर निकलें। वहीं, पेड़ों के आसपास या ढांक के पास गाड़ी पार्क न करें
सुरेंद्र चौहान, नगर निगम मेयर

मल्याणा, फागली सहित मज्याठ को नुकसान

शहर के मल्याणा में मलबा गिरने से कई गाडिय़ों को नुकसान पहुंचा हैं। फागली के समीप पेड़ गिरने से हरियाणा के कुरूक्षेत्र का एक परिवार भी बाल-बाल बचा है। वहीं मज्याठ में भारी बरसात के कारण सडक़ें और रास्ते बंद हो गए हैं। बिजली और पानी की सप्लाई भी ठप हो गई है। शहर के लोगों ने विभाग के अधिकारियों को भी सूचित करना सुबह से ही शुरू कर दिया था। वहीं कर्मचारी भी मौके पर पहुंंच गए थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण शाम तक सडक़ों को वन वे ही किया गया।

शोघी के समीप उच्च मार्ग बंद, घरों को भी खतरा

शोघी क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों व राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 पर पिछले दो दिन से हो रही लगातार भारी वर्षा के कारण जगह-जगह डंगे धंस गए हैं जिससे संपर्क मार्गों व राष्ट्रीय उच्च मार्ग के ऊपर भारी भू-स्खलन से रास्ते बंद हो गए हैं। शालाघाट से शुन बंगला तक सडक़ में जगह-जगह भू-स्खलन से रास्ते बंद होने के कगार पर है। वहीं थड़ी क्षेत्र में एक गरीब किसान का घर भी बारिश की चपेट में आया हैं। वहीं यहां पर कई घरों में पानी चला गया है और एक व्यक्ति की गोशाला भी बारिश ने अपनी चपेट पर ली है।

बिजली बोर्ड कर्मियों की भी बढ़ी मुश्किलें

बिजली बोर्ड के कर्मचारी लगातार बारिश के चलते कार्य नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल बिजली बोर्ड ने सप्लाई कट कर दी है, लेकिन बिजली की तारों को दुरुस्त करने के लिए बिजली बोर्ड मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहा है। बिजली बोर्ड का कहना है कि बरसात के दौरान तारों में अर्थ होता है जिससे करंट लग सकता है। बरसात में यह करंट कर्मचारी को अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसे में इन तारों का मरम्मत कार्य भी मौसम साफ होने पर ही किया जा सकता है, जिससे साफ होता है कि सोमवार दोपहर तक ही बिजली सुविधा दुरूस्त हो सकती है।

सडक़ किनारे पेड़ों ने भी आम जनता की बढ़ाई टेंशन

शहर में सडक़ों के किनारे अधिकतर पेड़ गिरने के कगार में है। हालांकि मानसून से पहले निगम ने वन विभाग को सभी खतरनाक पेड़ों को चिन्हित करने का आग्रह किया था और वन विभाग ने पेड़ों को भी चिन्हित किया, लेकिन इन्हें काटा नहीं गया था। इसके कारण आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। शहर में पेड़ गिरने से कहीं घरों को खतरा बना हैं तो कहीं बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

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