
मुंबई
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम हुए जानलेवा हमले के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से उस समय दबोचा, जब ट्रेन के जरिए जयपुर और फिर नेपाल भागने की फिराक में थे।
फुटबॉल क्लब के बाहर गोलीबारी
रविवार शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ मुंबई के जुहू स्थित फुटबॉल क्लब से बाहर निकल रहे थे, तब यह वारदात हुई। जब टाइगर की कार गेट से बाहर निकली, तभी बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
सामने आए एक वीडियो में देखा गया कि किस तरह एक हमलावर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहा हैं, जबकि दूसरा टोपी पहना शख्स बगल से फायरिंग कर रहा है। गनीमत यह रही कि टाइगर श्रॉफ इस हमले में बाल-बाल बच गए, लेकिन इस गोलीबारी में उनका ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए।
हमले को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए थे।
20 स्पेशल टीमों का गठन
इस घटना के तुरंत बाद हरकत में आई मुंबई पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए 20 स्पेशल टीमों का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़ी गई उस बाइक का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल हमलावरों ने भागने के लिए किया था।
तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि आरोपी सड़क मार्ग से सूरत पहुंचे और फिर वहां से ट्रेन में सवार होकर राजस्थान की ओर निकल पड़े। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए इन शूटरों को 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर मिले थे।
आपस में बातचीत और लोकेशन शेयरिंग के लिए आरोपी सिग्नल और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे।
कोटा स्टेशन पर हुई गिरफ्तारी
मुंबई क्राइम ब्रांच से पुख्ता इनपुट मिलने के बाद राजस्थान पुलिस और एजीटीएफ ने तुरंत जाल बिछाया। आरोपी पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सफर कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन सुबह 10:17 बजे कोटा स्टेशन पर रुकी, पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल मुंबई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस हमले की पूरी पड़ताल जारी है।



