राज्य

सरकारी नौकरियों का हो रहा है निजीकरण! …अजीत पवार ने उठाया सदन में मुद्दा

SG

राज्य के मुख्य सचिव से अधिक
प्रोजेक्ट डायरेक्टर का वेतन
/ मुंबई
विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने सवाल किया कि क्या सरकारी नौकरियों का निजीकरण किया जा रहा है? पवार ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि कुछ पदों के लिए जो वेतन मंजूर किया गया है वह राज्य के मुख्य सचिव के वेतन से भी ज्यादा है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद के लिए हर महीने ३ लाख ७८ हजार रुपए के वेतन का प्रावधान किया गया है, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर टेक्निकल-२ लाख ९२ हजार, प्रोजेक्ट कंसल्टंट को २ लाख ५ हजार का वेतन दिया जाएगा। इसी तरह दूसरे पदों के लिए भी एक लाख रुपए से ज्यादा का वेतन मंजूर किया गया है। पवार ने कहा कि एक ओर सरकार ७५ हजार पदों पर भर्ती कर रही है, दूसरी ओर इस तरह ठेके पर नियुक्तियां कर रही है। जब पुरानी पेंशन को लेकर विवाद चल रहा है तो सरकार ने इस तरह ठेके पर नियुक्तियां करने का पैâसला क्यों लिया? अगर अहम पदों पर इस तरह लोगों को नियुक्त किया गया तो गोपनीय जानकारी बाहर जा सकती है। कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने भी कहा कि शासनादेश से युवकों में भ्रम हो गया है सरकार को सफाई देनी चाहिए। सदस्यों के सवालों के जवाब में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर हमें मेट्रो के काम के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर की जरूरत है तो वह पहले ही किसी बड़ी कंपनी में काम कर रहा होगा। पांच साल में परियोजना पूरी होने के बाद उनकी नौकरी नहीं रहेगी इसलिए ठेके पर नियुक्त करना पड़ता है। अच्छा वेतन दिए बिना कोई क्यों आएगा?

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