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भारत में वक्त बोर्ड के पास देश की तीसरे हिस्से की संपत्ति, मुस्लिम फिर भी परेशान

राष्ट्रवादी पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने वक्फ बोर्ड के नये फरमान का किया स्वागत
-मुस्लिम समाज के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा मुस्लिम वक्फ बोर्ड
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रवादी पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने वक्फ बोर्ड पर मुस्लिम समाज के साथ सौतेला व्यवहार करने व तमाम योजनाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया हैं। राष्ट्रवादी पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वक्फ बोर्ड केवल नाम का रह गया हैं। वक्फ बोर्ड से मुस्लिम समाज में पसमांदा मुस्लिम को कोई भी फायदा नही मिल रहा हैं। उन्होने वक्फ बोर्ड पर मुस्लिमों की तरक्की में बाधा बनने का आरोप भी लगाया हैं। राष्ट्रवादी पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने वक्फ बोर्ड से मुस्लिमों को तमाम योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की हैं। हालांकि राष्ट्रीय पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने वक्फ बोर्ड के द्वारा जारी किए गए नए फरमान का स्वागत भी किया हैं, जो मुस्लिम समाज, गरीब यतीम एवं शिक्षा के क्षेत्र में काफी फायदेमंद साबित होगा।
सोमवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रवादी पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पदाधिकारियों एवं कार्यकताओं ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि वक्फ बोर्ड से पसमांदा मुस्लिमों एवं गरीब यतीम मिस्कीन बच्चीयों की शादी में भी कोई सहायतार्थ धनराशि का लाभ आज तक नही मिल पाया हैं। राष्ट्रवादी पसमांदा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशाद मीर ने कहा कि जगह जगह चौराहे पर छोटे छोटे यतिम मिस्कीन गरीब मुस्लिम बच्चे दो वक्त की रोटी खाने के लिये सडको पर भीख मांगने पर मजबूर है लेकिन वक्फ बोर्ड आज तक किसी यतिम मिस्कीन गरीब बच्चों को शिक्षा नही दिला सका। उन्होने कहा कि अनेको स्थानों पर ऐसे मुस्लिम परिवार रहते है जिनके पास सर ढकने के लिये मकान की छत तक मोजूद नही है लेकिन अफसोस वक्फ बोर्ड आज तक बेघर को घर नहीं दे सका क्यों?। वहीं राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजवान अंसारी ने कहा कि जगह जगह मजारों मस्जिदो खान खाओ की दुकानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर मुतबलियों की मिलि भगत से वक्फ माफियाओं ने कब्जा कर रखा है। मुतबलियों की मिली भगत होने के कारण ही आज तक वक्फ बोर्ड के विरूध कोई आवाज उठाने को तैयार नही हुआ। उन्होने कहा कि वक्फ बोर्ड की सालाना कमाई से बडी संख्या में शिक्षा के क्षेत्र व समाज की गरीबी को दूर किया जा सकता है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. इदरीश ने कहा कि वक्फ बोर्ड की सालाना कमाई कितनी है आज तक इसका डाटा किसी को मालुम नहीं आज तक कितने हॉस्पिटल बनवाए कितने डिग्री कॉलेज बनवाए कितने गरीबो के घर बनवाए कितनी बच्चीयों की शादी करवाई ऐसे अनगिनत कार्य है जिससे बारे में कोई भी रिकार्ड नही वक्फ बोर्ड के पास नही हैं। उन्होने सांसद असदुद्दीन ओवैसी,सांसद इमरान मसुद, जमयत औलमाये हिन्द राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मदनी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि कैमरे के सामने आकर मुस्लिम पसमांदा समाज से बात करे और बताये कि आज तक वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम पसमांदा समाज के लिए क्या किया हैं कब किया। उन्होने सांसद असदुद्दीन ओवैसी,सांसद इमरान मसुद, जमयत औलमाये हिन्द राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मदनी तीनों केे पास एक भी सवाल का जवाब न होने का दावा किया हैं। 8 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन पर उसका मालिकाना हक है। देश का तीसरा सबसे बड़ा जमींदार वक्फ बोर्ड है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां है। यूपी में वक्फ की कुल संपत्ति 122318 है। यूपी में सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 106932 संपत्तियां है। शिया वक्फ बोर्ड के पास 15386 संपत्तियां है। फिर भी मुस्लिमों की गिनती कही नही होती क्योकि वक्फ बोर्ड केवल अपनी दौलत और शोहरत को बढाने में लगा हुआ हैं न कि मुस्लि समाज को उभार कर उनको एक मुकाम पर पहुंचाने के लिए। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से शमशाद मीर साहब व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. इदरीश व राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवकता रिजवान अंसारी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सदरे आलम व जिलाध्यक्ष कारी आस मौहम्मद आदि मौजूद रहे।