राजनीतिराज्य

हम इंसाफ के सिपाही हैं, लड़ते रहेंगे! -आदित्य ठाकरे का दृढ़ संकल्प

SG

मुंबई
देशभर के विपक्षियों सहित जो लोग सरकार के विरोध में बोलते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। ऐसी कार्रवाई से हम घबराते नहीं और घबराने की आवश्यकता भी नहीं है। कारण सरकार हमसे डरती है। हम सभी ‘इंसाफ के सिपाही’ के रूप में लड़ रहे हैं। यह अब देश भर में शुरू है। देश में राजनीति, स्वतंत्रता और लोकतंत्र जिंदा है क्या? ऐसा सवाल उठता है, ऐसी टिप्पणी युवासेनाप्रमुख, पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने की। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि २०२४ का चुनाव देश का आखिरी चुनाव होगा। उन्होंने आगे कहा कि पिछले सप्ताह उद्धव ठाकरे सहित देश भर के विपक्षियों ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था। यहां महाराष्ट्र में भी जिन्होंने गद्दारी की, उनके खिलाफ चल रहे मामले अब ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। जो लोग हमारे साथ हैं, उनके खिलाफ झूठे तड़ीपार की नोटिस और झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसी चीजें किसी राज्य में नहीं चल सकती हैं, ऐसा आदित्य ठाकरे ने कहा।
देश में अब लोकतंत्र जिंदा है क्या?
दापोली के साई रिसॉर्ट मामले में अनिल परब के करीबी सदानंद कदम को ईडी ने हिरासत में लिया है। इस मामले में उनकी जांच की जानेवाली है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। इस कारवाई पर विधि मंडल परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए आदित्य ठाकरे ने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया।
हमने कभी जाति-पांति की राजनीति नहीं की’
राज्य में कई जगहों पर किसानों द्वारा खाद खरीदने पर उनसे जाति पूछी जा रही है। ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। इस पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि देश में आखिर कितने विवाद निर्माण करने हैं, यह अब सरकार को तय करना चाहिए। हमने कभी जाति-पांति की राजनीति नहीं की। शायद केंद्र सरकार इससे जानकारी जुटाना चाहती है। लेकिन जब यह सब हो रहा है तो जो अपनी जाति हिंदुस्थानी लिखना चाहता है, वह भी लिख सकता है।

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