राज्य

सीएम ऑफिस से आए एक फोन ने अफसरों में मचा दी खलबली

अफसरों और कर्मचारियों के पास जब उनसे बड़े अधिकारी का फोन आता है तो पसीना-पसीना हो जाते हैं। लेकिन जब फोन सीएम आफिस या खुद मुख्यमंत्री का हो तो इन अफसरों और कर्मचारियों का क्या हाल होता होगा, इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं।  ऐसा ही एक नजारा यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में देखने को मिल गया। मामला गुरुवार का। यहां जिले में धीमी गति से बन रहे मेडिकल कालेज को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। इसको लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम को फोन गया तो अफसरों में खलबली मच गई। सभी एक-दूसरे की बगले झांकने लगे। डीएम के फोन रखते ही अफसरों ने दौड़ लगा दी।

दरअसल जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग तोड़कर यहां पांच मंजिला भवन बनना है। अभी तक पुराना भवन ही नहीं ढहाया गया। गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आने के बाद अफसरों ने समीक्षा शुरू कर दी। डीएम महेन्द्र बहादुर सिंह ने सीडीओ से प्रगति आख्या मांगी है। गुरुवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के पास मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया। मेडिकल कालेज के काम देरी के बारे में जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री इस बात से भी नाराज हैं कि जिला अस्पताल के पुराने भवन को तोड़ने के लिए नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने में हीलाहवाली की जा रही है। पड़ताल में पता चला कि ठेकेदार ने 90 लाख रुपये में नीलामी ली थी, लेकिन उसने महज 60 लाख रुपये ही जमा किया है।

31 मार्च 2023 तक पूरा होना है निर्माण

जिले में मेडिकल कालेज का अनुबंध चार जुलाई 2021 को हुआ था। 31 मार्च 2023 तक मेडिकल कालेज का निर्माण पूरा करना है। मेडिकल कालोज के लिए 279 करोड़ कुल बजट निर्धारित हुआ मेडिकल कालेज के लिए आवंटित हुआ है। इसमें से अब तक 108 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। बताया जाता है कि अब तक 77 करोड़ रुपये निर्माण में खर्च हुए हैं।

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