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सरकार पस्त… गौ तस्कर मस्त, हिंदू युवक पर गौ तस्करों ने किया जानलेवा हमला, गौ रक्षकों को कसाइयों से कौन बचाएगा ?

SG

जहां वेदों के उच्चारण सुन नींद खुला करती थी, जहां मंदिरों की घंटियां सुनकर हिंदू अपने खेतों पर जाया करता था, जहां पशु-पक्षियों की पूजा की जाती थी, आज उसी हिंदुस्थान में मां का दर्जा प्राप्त गौ माता की दुर्दशा हो रही है, वो असहनिय पीड़ा से व्यकुल है. उस गौमाता की पीड़ा की पुकार सुनने वाला कोई नहीं है.

दरअसल, महाराष्ट्र में गौरक्षक तस्करों से अभी भी असुरक्षित है. यहां महाराष्ट्र पुलिस की मिलीभगत से एक बार फिर गौरक्षकों का जीवन संकट में दिख रहा है. यहां एक गौरक्षक को गौकशी के खिलाफ आवाज उठाने के बदले जानलेवा हमला झेलना पड़ा था.

वहीं ऐसे में अगर कोई सनातनी गौ माता के लिए आवाज उठाता है तो उसको जिहादी आतंक का दंश झेलना पड़ता है और प्रशासनिक अमले की लापरवाही भी देखने को मिलती है. जी हां, ये सब हुआ है, इस दंश को झेला है एक पीड़ित हिंदू ने. तस्वीरों में दिख रहे खून से लथपथ शख्स का अपराध मात्र इतना है कि ये गौ रक्षक है. इस राष्ट्रवादी का अपराध बस इतना है कि इसने गोकशी के खिलाफ आवाज उठाई.

बता दें कि इस युवक को सजा मिली है गौ रक्षक होने की और यह घटना घटित हुई उस स्थान पर जहां वीरों में वीर, मुगलों को घुटनों पर लाने वाले, संपूर्ण हिंदुस्थान को एक कर हिंदवी स्वराज की स्थापना करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज ने जन्म लिया. मराठाओं की भूमि, जहां सनातन और सनातनी की रक्षा के लिए बलिदान होने की होड़ लगी रहती थी.

लेकिन आज वहां गौ रक्षा करने वालों पर मुगलिया अत्याचार आम बात है. इन दिनों महाराष्ट्र में गौ रक्षक होना एक महापाप के समान है और उससे भी बड़ा गुनाह है गौकशी और अवैध बूचड़खानों की सूचना पुलिस को देना क्योंकि अगर आपने ऐसा जुर्म कर दिया तो आपका क्या होगा, ये शायद आपको भी नहीं पता.

इस गौरक्षक को जिहादियों ने तो पीटा ही, इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के रैवया ने भी इसे तोड़ दिया, कार्रवाई के नाम पर पुलिस हाथ पर हाथ रख कर बैठी हुई है. ये महाराष्ट्र की वो ही पुलिस है जो पहले भी गौरक्षकों को बेल्ट से पीटती नजर आई थी. ये वो ही पुलिस है जो AIMIM सुप्रीमों असदुद्दीन ओवैसी को गोरक्षकों को आतंकवादी कहने पर कार्रवाई करने का दम भरती है.

लेकिन इतना दम भरने के बाद भी वो अभी तक बाहर है तो किस कार्रवाई की उम्मीद महाराष्ट्र पुलिस से एक हिंदू, एक गौभक्त कर सकता है और गौरक्षक के साथ मारपीट करने वाले जिहादियों को कब तक महाराष्ट्र पुलिस पलकों पर बैठा कर उनका बचाव करती रहेगी. क्या गौ माता की रक्षा करना महाराष्ट्र में पाप है ? जब तक नहीं मिलेंगे सवालों के जवाब, तब तक पूछेगा हिंदुस्थान.

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