हिमाचल प्रदेश

भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का भव्य आगाज

दुनिया के सबसे बड़े देव समागम के हजारों भक्त बने गवाह, भगवान का रथ खींचकर विदेशियों ने भी कमाया पुण्य

कुल्लू

भगवान रघुनाथ जी की अलौकिक रथयात्रा और अनूठे देव-मानस मिलन के साथ गुरुवार को देश-दुनिया के सबसे बड़े देव समागम ‘अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा’ उत्सव का भव्य आगाज हुआ। भगवान राघव की विस्मृत कर देने वाली इस भव्य रथयात्रा में देवी हिडिंबा, बिजली महादेव, ज्वाणी महादेव, देवता नाग धूमल समेत ठारा करड़ू देवताओं ने भाग लेते हुए धरा पर हुए इस सबसे बड़े देव समागम में चार चांद लगा दिए। ठीक साढ़े चार बजे शुरू हुई भगवान रघुनाथ की इस अद्भुत, अलौकिक, अद्वितीय रथयात्रा में घाटी के काफी संख्या में देवी-देवताओं ने हिस्सा लेकर रथयात्रा की शोभा को बढ़ा दिया। हिमाचल प्रदेश के हजारों श्रद्धालु इस पल के साक्षी बने। हजारों की संख्या में लोगों ने अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ के रथ को खींचकर पुण्य भी कमाया। इतना ही नहीं, विदेशी सैलानी भी इस अद्भुत व अलौकिक नजारे को अपने कैमरे में कैद करने के लिए उत्साहित नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ ढालपुर गूंज उठा। भगवान रघुनाथ के साथ देवी-देवताओं की शक्तियां वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ चारों तरफ फैलीं, तो हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने अपने आप में यह महसूस किया कि सचमुच उन्हें प्रगट रूप में आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।

प्राचीन वाद्य यंत्रों ढोल, नगाड़ों, नरसिंगों, करनाल, भाणा, घंटी की देव स्वरलहरियों पर ढालपुर में हुए भव्य देव मिलन ने हजारों लोगों को स्वर्गलोक जैसी अनुभूति करा दी। हजारों लोगों ने अपने-अपने ईष्ट देवी-देवताओं के आगे सिर झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आस्था के इस सैलाब में हर कोई राम रंग में ही रंगा हुआ नजर आया। अपनी ही धुन में नाचते देवलुओं ने रघुनाथ की भव्य रथयात्रा में आए हुए श्रद्धालुओं में भी जोश भर दिया। भक्तों ने भगवान रघुनाथ जी के रथ को खींचते हुए आगे बढ़ाया। फिर यह रथ ढालपुर मैदान के बीच बने अस्थायी कैंप के सामने पहुंचे। जहां भगवान रघुनाथ को ठहराया। बाकी देवताओं को भी यहीं और आसपास बने अस्थायी शिविरों में ठहराया गया। इस देव महाकुंभ के नजारे के साक्षी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल बने। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक भुवनेश्वर गौड़, विधायक सुरेंद्र शौरी, महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी, उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश, एसपी कुल्लू कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन भी इस अवसर पर मौजूद थे।

राज्यपाल परिवार संग बने देव महाकुंभ के साक्षी

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल अपने परिवार के साथ विश्व के सबसे बड़े देव महाकुंभ के साक्षी बने। अंतरराष्ट्रीय दशहरा कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने उनका अभिनंदन किया। राज्यपाल ने इस दौरान भगवान रघुनाथ से आशीर्वाद भी लिया। देव संस्कृति की अनूठी परंपरा देख वह भी पुलकित नजर आए।

तहसीलदार और देवता के हारियानों में झड़प

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ढालपुर का वीडियो

तहसीलदार कुल्लू पर देवलुओं के साथ अभद्रता का आरोप

विधायक सुरेंद्र शौरी ने भी तहसीलदार पर उठाए सवाल

कुल्लू

ढालपुर मैदान पर चल रहे दशहरा उत्सव के दौरान तहसीलदार कुल्लू हरि सिंह यादव और देवता भृगु ऋषि के देवलुओं के बीच झड़प हो गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि देवलू तहसीलदार कुल्लू को खींचकर ले जा रहे हैं और देवता भृगु ऋषि के समक्ष भी तहसीलदार के द्वारा माफी मांगी गई। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम तहसीलदार कुल्लू की देवता के देवलू से किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जिसके चलते देव समाज से जुड़े लोग नाराज थे। ऐसे में गुरुवार दोपहर के समय जब तहसीलदार कुल्लू ढालपुर का निरीक्षण कर रहे थे, तो इस दौरान काफी संख्या में लोग आए और उन्हें देवता के शिविर तक ले गए।

इस दौरान तहसीलदार को देवता से माफी मांगने की भी बात कही। प्रशासन भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच में जुट गया है। वहीं, बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने तहसीलदार की कार्य प्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि साल 2023 में भी तहसीलदार कुल्लू के द्वारा देवी-देवताओं के शिविरों को हटाया गया था और उस दौरान भी देव समाज ने तहसीलदार का विरोध किया था। साल 2024 में भी इनकी कार्य प्रणाली संतोषजनक नहीं रही और विधानसभा में भी इनके खिलाफ प्रस्ताव लाया गया है। कांग्रेस की सरकार के द्वारा पता नहीं क्यों इस तरह के अधिकारी को कुल्लू में तैनाती दी गई है, जबकि देव समाज से जुड़े लोगों के साथ अभद्रता करने के आरोप में तहसीलदार को बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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