राष्ट्रीय

हमले से एक रात पहले जहाँगीरपुरी में लाठी-डंडे और पत्थर-बोतल लिए युवक क्या कर रहे थे?

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में जिस तरह से हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी और गोलीबारी हुई, उससे स्पष्ट था कि पहले से इसके लिए तैयारी थी। दिल्ली पुलिस तो लगातार इसका जवाब ढूँढ ही रही है कि दंगा के पीछे क्या आपराधिक साजिश थी। पुलिस एक-एक कर 200 वीडियोज खँगालने में लगी हुई है। घटना से एक रात पहले का जो वीडियो सामने आया है, जिससे ये आशंका बलवती होती है कि हिंसा की तैयारी पहले से ही थी।

 

 

2 मिनट के इस वायरल वीडियो में 6 लड़के खड़े दिख रहे हैं। कुछ देर बाद तीन और लोग वहाँ आ जाते हैं, जो बनियान पहने हुए होते हैं। एक लड़के के हाथ में बोतल या पत्थर भी दिख रहा है। साथ ही एक अन्य व्यक्ति के बाद में बोतल दिखाई दे रही है। सीसीटीवी फुटेज में कुछ युवक लाठी-डंडे लिए भी दिख रहे हैं। ये वही जगह थी, जहाँ से हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा निकलने वाली थी। सफ़ेद, लाल, नीले और काले टीशर्ट्स में ये लड़के लाठी-डंडे ढूँढ़ते हुए दिख रहे हैं।

 

इसके अगले ही दिन 16 अप्रैल, 2022 को अचानक जो इस्लामी भीड़ जुटी, उनके हाथों में लाठी-डंडे थे और उन्होंने तलवारों से भी वार किया था। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट भी किसी साजिश की ओर इशारा कर रही है। घरों की छतों से बड़ी मात्रा में पत्थरों-बोतलों का आना भी ये संकेत है कि पहले से इन्हें इकट्ठा कर के रखा गया था। पुलिस वीडियो की जाँच कर रही है। वहाँ मौजूद घायल पुलिसकर्मियों ने भी भीड़ के पास हथियार होने की बात कही थी।

कुछ स्थानीय लोगों का भी कहना है कि रात को जब ये लड़के लाठी-डंडे इकट्ठा कर रहे थे तो उन्होंने ऐसे तत्वों का विरोध भी किया था। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी भी हो गई थी। स्थानीय लोगों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस वीडियो में दिख रहे लड़कों को चिह्नित करेगी। ‘पाँच वक्त के नमाजी’ सोनू चिकना का भी इस हिंसा में बड़ा हाथ है। आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार करने गई पुलिस पर पत्थरबाजी करने के आरोप में सलमा पर आरोप लगा है।

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