राजनीतिवायरल न्यूज़

पुष्कर की पुलिस की रडार पर अवैध मदरसे !

क्या देवभूमि में अवैध मदरसों(madrasas) को गुपचुप फंडिग की जा रही है ? क्या मदरसों में सत्यापन अभियान का नहीं हो रहा असर ? मुख्यमंत्री ने दिए मदरसों की जांच करने के निर्देश तो एक्शन में आया उत्तराखंड पुलिस महकमा …. उत्तराखण्ड राज्य में संचालित अवैध मदरसों मे बाहरी राज्यों के बच्चों को पढ़ने की खबरो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक,अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड द्वारा राज्य के सभी जिलों में मदरसों की गहन जांच के लिए निर्देश निर्गत किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य अवैध रूप से संचालित मदरसों की पहचान करना, उनके फंडिंग स्रोतों का सत्यापन करना और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के वास्तविक विवरण की जानकारी प्राप्त करना है।
पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड द्वारा दिये निर्देशों के मुख्य बिंदुः

पंजीकरण की जांचः

सभी मदरसों(madrasas) के पंजीकरण तथा अवैध और बिना पंजीकरण के संचालित मदरसों की पहचान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मदरसों मे शिक्षारत बच्चों का सत्यापनः

मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों विशेषकर बाहरी राज्यों से लाए गए बच्चों की पहचान सुनिश्चित करें।

फंडिंग की जांचः

मदरसों(madrasas) को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों का सत्यापन किया जाए।
पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था/मुख्य प्रवक्ता पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड, नीलेश आनन्द भरणे द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य में संचालित सभी मदरसों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। यह जांच प्रक्रिया बच्चों की सुरक्षा और राज्य में कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।इस जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी मदरसे कानूनी ढांचे के भीतर कार्य करें।सभी जनपदों को एक माह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Response

Telegram