
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की करीब 34 फीसद आबादी प्रतिदिन मात्र 3.2 डालर (करीब 240 रुपये) की आय पर जी रही है। विश्व बैंक (World Bank) का कहना है कि नकदी संकट (Economic Crisis) से जूझ रहे पाकिस्तान के नए वित्त मंत्री मिफ्ताह इसामिल बेतहाशा बढ़ती महंगाई पर काबू करने की भीषण चुनौती का सामना कर रहे हैं। यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा आर्थिक संकट है। अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने में पाकिस्तान की विफलता उसके अपने कार्यों का एक अप्रिय परिणाम है क्योंकि देश ने पहले 10 महीनों (जुलाई-अप्रैल 2021-22) में कई वित्तपोषण स्रोतों से 13.033 अरब अमरीकी डालर का विदेशी ऋण लिया है। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए विदेशी वाणिज्यिक बैंकों से 2.623 अरब अमरीकी डालर सहित।
अप्रैल 2022 में कई फाइनेंसिंग स्रोतों से प्राप्त हुई राशि
आर्थिक मामलों के प्रभाग (ईएडी) ने सोमवार को डेटा जारी किया जो दर्शाता है कि देश को अप्रैल 2022 में कई वित्तपोषण स्रोतों से 262.14 मिलियन अमरीकी डालर की भारी राशि प्राप्त हुई। हालांकि, अप्रैल बैंड के दौरान विदेशी वाणिज्यिक बैंकों से कोई राशि उधार नहीं ली गई थी,बिजनेस रिकॉर्डर ने बताया।
रिपोर्टों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 की इसी अवधि (जुलाई-अप्रैल) के दौरान बाहरी प्रवाह 10.195 बिलियन अमरीकी डालर था, जिसमें विदेशी वाणिज्यिक बैंकों से 3.246 बिलियन अमरीकी डालर शामिल थे, जबकि बजटीय राशि 12.233 बिलियन अमरीकी डालर थी।



