राष्ट्रीय

गुजरात को बदनाम करने वालों पर बरसे पीएम मोदी, परिवारवाद पर भी साधा निशाना

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नफरत फैलाने वाले तथा गुजरात को बदनाम करने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में साफ हो जाएंगे। मोदी ने दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले से चुनावी बिगुल फूंकते हुए कांग्रेस के परिवारवाद पर निशाना साधते हुए कहा पहले एक ही परिवार का राज चल रहा था, अब राजनीति नये युवा आ गये।
साफ हो जाएंगे गुजरात को अपमानित करने वाले
चुनावी तिथियों की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली सभा रविवार को आदिवासी बहुल वलसाड जिले के नानापोंडा में आयोजित की गई। सभा में मोदी ने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि गुजरात का अपमान करने वाले तथा नफरत फैलाने वाले आगामी चुनाव में साफ हो जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा दिल्ली में बैठकर गुजरात से जो खबर मिलती है उसमें भाजपा राज्य विधानसभा का चुनाव भारी बहुमत के साथ जीत रही है। उन्होंने कहा कि वे भाजपा के लिए और अधिक समय देने के लिए तैयार हैं।
पीएम ने परिवारविवाद पर किया प्रहार
प्रधानमंत्री ने एक लाख करोड़ रुपए की वन बंधु योजना, नवसारी में श्रेष्ठ इलाज की व्यवस्था, स्कूल-कॉलेज और बुनियादी सुविधाओं का उल्लेख किया। कांग्रेस के परिवारवाद पर बिना किसी पार्टी का उल्लेख किए उन्होंने प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में नई पीढ़ी आ चुकी है, नहीं तो पहले एक ही पीढ़ी चलती रहती थी। उन्होंने आदिवासी पट्टे उमरगाम से अंबाजी तक के क्षेत्र में उनकी सरकार के किए कार्यों से आए बदलाव का पूरा व्यौरा दिया। इस क्षेत्र की कुल 14 जिलों के किसानों के लिए सिंचाई को लेकर किए कार्यों को बताया। हालांकि प्रधानमंत्री के भाषण में इस बार उनकी पार्टी की सरकार को उपलब्धियों का श्रेय न देकर गुजरात की जनता को दिया। प्रधानमंत्री चुनावी सभा में लोगों से यह बार-बार कहलाते रहे कि यह विकास राज्य की जनता के परिश्रम से संभव हो पाया है।
दो चरणों में होने हैं गुजरात चुनाव
गौरतलब है कि गुजरात में दो चरण 1 दिसंबर व 5 दिसंबर को विधानसभा की 182 सीट के लिए चुनाव होंगे। पिछले चुनाव में भाजपा ने 99 व कांग्रेस ने 77 सीट जीती थी। इस बार भाजपा ने 150 सीट जीतने का दावा किया है जबकि कांग्रेस 125 सीट जीतकर सत्ता में वापसी का दावा कर रही है। नानापोडा की कपराडा विधानसभा सीट वर्ष 1998 के बाद के किसी भी चुनाव में भाजपा के हाथ नहीं लग सकी है। आदिवासी बहुल इलाका कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है लेकिन पिछले चुनाव में भाजपा ने इन क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 80 फीसदी आदिवासी बहुल सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। इन सीटों पर मतदान भी राज्य की अन्य सीटों से काफी अधिक रहा था।

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