अंतरराष्ट्रीय

मोस्ट वांटेड आतंकी साजिद मीर को ब्लैकलिस्ट करने पर चीन का फिर अड़ंगा, संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पर लगाई रोक

संयुक्त राष्ट्र: मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के प्रमुख हैंडलर और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी साजिद मीर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने की राह में चीन ने अड़ंगा डाल दिया है। मीर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश किया था। जिसे भारत ने समर्थन दिया था, लेकिन चीन ने इस पर रोक लगा दी। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के तहत मीर को वैश्विक आतंकी के रूप में काली सूची में डालने के लिए प्रस्ताव पेश किया था और भारत ने इसका समर्थन किया था। लेकिन गुरुवार को चीन ने इस पर रोक लगा दी।
अगर मीर वैश्विक आतंकी घोषित हो जाता तो दुनियभार में उसकी सारी संपत्तियों को जब्त कर ली जाती और उसके सदस्य देशों में आने-जाने पर और उसे हथियार मुहैया कराने पर रोक लग जाती। भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में मीर का नाम है। मुंबई आतंकी हमले में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका ने उसके खिलाफ 50 लाख डालर का इनाम घोषित किया है। पिछले साल जून में पाकिस्तान में उसे आतंकी फंडिंग मामले में 15 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि मीर की मौत हो चुकी है, जिस पर पश्चिमी देशों को भरोसा नहीं है।
आइएईए की बैठक में आकुस देशों से भिड़ा चीन
रायटर की रिपोर्ट के अनुसार वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) की बैठक में चीन आस्ट्रेलिया को परमाणु पनडुब्बी देने की योजना पर आकुस देशों से भिड़ गया। आकुस आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका का संगठन है। इन देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार आस्ट्रेलिया कम से कम आठ परमाणु पनडुब्बी हासिल करने वाला है। आइएईए के प्रमुख राफेल ग्रासी ने कहा है कि इन परमाणु पनडुब्बियों में ईंधन के रूप में बहुत ही समृद्ध यूरेनियम का इस्तेमाल होगा। यह यूरेनियम हथियार ग्रेड का हो सकता है।

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