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यूपी के आयुष मंत्री का निर्देश, 10 मिनट से अधिक देर से आने वाले कर्मियों के वेतन में करें कटौती

लखनऊ। आयुष विभाग के कर्मचारियों को अब लेट-लतीफी भारी पड़ेगी। अगर आफिस पहुंचने में उन्हें 10 मिनट से अधिक देरी हुई तो उन्हें अनुपस्थित मानकर वेतन काट दिया जाएगा। यह निर्देश आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र दयालु ने दिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी विभाग के सभी कार्यालयों में बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था की जाए।
राजधानी में मंगलवार को आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधि निर्माणशाला के आडिटोरियम में विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने दो टूक कहा कि सभी कर्मचारी हर हाल में सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचे और अगर कोई सुबह 10 बजकर 10 मिनट के बाद कार्यालय आता है तो उसे अनुपस्थित मानकर उस दिन का वेतन काट दिया जाए। अधिकारी बायोमीट्रिक उपस्थिति की मानीटरिंग करें।
उन्होंने आयुष अस्पतालों के निर्माण के लिए लोगों द्वारा दान की गई जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया जाए। आयुष चिकित्सा पद्धति का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। बाजार में बिक रही नकली दवाओं पर शिकंजा कसा जाए। आयुष चिकित्सालयों में सप्लाई की जा रही दवाओं की एक्सपायरी डेट का डाटा तैयार किया जाए। एक्सपायर होने के बाद दवाएं तत्काल नष्ट की जाएं।
बैठक में आयुर्वेद निदेशक डा. एसएन सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मियों को लंच के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया था। सीएम योगी सरकारी कार्यालयों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। उधर, प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक लगातार जिला अस्पताल और सीएचसी व पीएचसी का दौरा कर रहे हैं।

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