हिमाचल प्रदेश

किशाऊ डैम प्रोजेक्ट पर कल दिल्ली में होगा MoU, CM सुक्खू सहित 6 राज्यों के सीएम करेंगे हस्ताक्षर

शिमला

दो राज्यों की सीमा पर प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना पर मंगलवार को एमओयू होगा। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली जाएंगे। इस दौरान दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी के बीच छह राज्यों के मुख्यमंत्री इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को लेकर एमओयू साइन करेंगे। लिहाजा हिमाचल के लिए मंगलवार एक बड़ा दिन होगा। उल्लेखनीय है कि किशाऊ बांध परियोजना की वित्तीय लागत का वहन करने को लेकर गतिरोध चल रहा था। जून माह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में पिछले आठ वर्षों से इस परियोजना को लेकर चल रहा गतिरोध समाप्त करने में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सफलता हासिल की थी। इसके तहत केंद्र सरकार ने परियोजना के जल घटक के रूप में लाभान्वित होने वाले राज्यों दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा द्वारा हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक के रूप में होने वाली लगभग 2,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत को वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की थी। सीएम भी बैठक के बाद कह चुके हंै कि इस परियोजना के पूर्ण होने के उपरांत राज्य को विद्युत घटक के रूप में प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी मिलेगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 600 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष होगी। इससे राज्य के वित्तीय संसाधनों में वृद्धि होगी।

 

उधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की और से केंद्र के समक्ष रखी तीन शर्तों को मानने के उपरांत अब इन परियोजना को लेकर एमओयू साइन होना है, जिसके लिए सीएम सुक्खू दिल्ली जाएंगे। इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में हिमाचल प्रदेश समेत, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा के मुख्यमंत्री एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। उधर, नीति आयोग की बैठक भी सितंबर माह में दिल्ली में प्रस्तावित है और माना जा रहा है कि 18 और 19 सितंबर को यह बैठक हो सकती है। लिहाजा इसके लिए भी सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली का रुख करेंगे। पता चला है कि बेहद महत्त्वपूर्ण इस बैठक के लिए राज्य सरकार ने प्रेजेंटेशन भी तैयार कर ली है। नतीजतन नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री राजस्व घाटा अनुदान की बहाली या फिर इसकी एवज में आरडीजी को दोबारा शुरू करने की मांग प्रमुखता के साथ उठाएंगे। वहीं जीएसटी मुआवजे के तौर पर राज्य को मिलने वाली राशि के बंद होने से प्रदेश को हो रहे नुकसान से उबारने की बात बैठक में रखेंगे। इसके अलावा आपदा के समय पीएम की और से राज्य को 1500 करोड़ रुपयों की राशि देने की घोषणा के तहत राज्य को राशि जारी करने की मांग नीति आयोग की बैठक में प्रमुखता के साथ रखेंगे।

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